टीकमगढ़, 31 जुलाई।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग के बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीडब्ल्यू) देशराज घोष को 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, डूंडा निवासी नरेंद्र राजपूत से स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर देशराज घोष ने एक लाख रुपये की मांग की थी। बाद में दोनों के बीच 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये लेते समय लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।
लोकायुक्त डीएसपी कमल सिंह उइके ने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी योजना के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शिकायतकर्ता नरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी देशराज घोष ने उसके परिवार की एक महिला को सहायिका की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर पांच लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि नौकरी नहीं लगने पर राशि वापस मांगने पर आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और बाद में स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर अतिरिक्त रकम मांगी।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि पुराने लेनदेन से जुड़े वीडियो उसके पास मौजूद हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
लोकायुक्त पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

















