वाशिंगटन, 31 जुलाई।
अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग द्वारा पैट्रियट पैक-3 इंटरसेप्टर मिसाइलों से जुड़ी संवेदनशील तकनीक साझा करने में हिचकिचाहट के कारण यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों की यूरोप में इन मिसाइलों के उत्पादन योजना को झटका लग सकता है।
जर्मन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग विदेशी साझेदारों को महत्वपूर्ण सैन्य तकनीक हस्तांतरित करने के पक्ष में नहीं है। कंपनी पैक-3 इंटरसेप्टर मिसाइल में इस्तेमाल होने वाले सीकर वॉरहेड का निर्माण करती है, जबकि मिसाइल का मुख्य ढांचा लॉकहीड मार्टिन तैयार करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट सिस्टम के निर्माण का लाइसेंस देने की घोषणा की थी। इसके तहत मिसाइलों का उत्पादन किसी यूरोपीय नाटो सदस्य देश, संभावित रूप से जर्मनी में किए जाने की योजना थी।
योजना के अनुसार, यूरोप में उत्पादन इकाइयां स्थापित कर मिसाइलों को संभावित रूसी हमलों से अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर तैयार किया जाना था। हालांकि बोइंग की तकनीकी साझेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से इस योजना पर असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बोइंग डिफेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीव पार्कर ने हाल ही में कहा था कि कंपनी इस वर्ष 850 वॉरहेड बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 650 थी।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि आगामी सर्दियों में देश की वायु रक्षा क्षमता बनाए रखने के लिए यूक्रेन को 300 अतिरिक्त पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत होगी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पैट्रियट इंटरसेप्टर समेत अमेरिका में निर्मित कई आधुनिक हथियारों की वैश्विक स्तर पर कमी बनी हुई है। ईरान से जुड़े तनाव के कारण इन हथियारों की मांग और आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की बात भी सामने आई है।

















