भोपाल, 31 जुलाई।
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना जरूरी है, ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
मंत्रालय में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने में आउटसोर्स कर्मचारियों की अहम भूमिका है, इसलिए उनके भुगतान में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से भुगतान प्रक्रिया की नियमित निगरानी करने और लंबित मामलों का जल्द समाधान करने को कहा। साथ ही बजट की आवश्यकता वाले मामलों को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के एम्पेनेलमेंट की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक योग्य स्वास्थ्य संस्थानों को योजना से जोड़कर पात्र लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि योजना से जुड़े अस्पतालों के लंबित क्लेम का भुगतान तय समय सीमा में किया जाए, ताकि अस्पतालों को आर्थिक परेशानी न हो और मरीजों के उपचार में कोई बाधा नहीं आए।
उप मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरी मानव संसाधन उपलब्ध होगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन एवं चेयरमैन ईएसबी शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त धनराजू एस., आयुष्मान भारत निरामयम् के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

















