छिंदवाड़ा, 31 जुलाई।
छिंदवाड़ा पश्चिम वनमंडल में मजदूरी भुगतान अनियमितता के मामले में विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो वनरक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को कार्य से हटा दिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 से 2023 के बीच मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद भोपाल कोषालय के निर्देश पर छिंदवाड़ा कोषालय और पश्चिम वनमंडल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की थी। जांच में करीब 80 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
इस मामले में शुरुआती कार्रवाई के दौरान ट्रेजरी का काम देखने वाले वनरक्षक शाहिद खान को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। जांच में उनके खिलाफ करीब 4.50 लाख रुपये के गबन से जुड़े आरोप सामने आने की बात कही गई थी।
विभागीय कार्रवाई के अगले चरण में पश्चिम वनमंडल के डीएफओ साहिल गर्ग ने सावरी रेंज में पदस्थ वनरक्षक धन कुमार चौधरी और दमुआ रेंज में पदस्थ वनरक्षक अमित कुमार सोनटके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
इसके अलावा सावरी रेंज के कंप्यूटर ऑपरेटर बृजेश परिहार और परासिया रेंज के कंप्यूटर ऑपरेटर सतीश बोरिकर को भी विभागीय स्तर पर कार्य से पृथक कर दिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, मजदूरी भुगतान में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच कोषालय विभाग द्वारा की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। वित्तीय नुकसान और जिम्मेदारी का वास्तविक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पश्चिम वनमंडल के डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया कि त्रुटिपूर्ण भुगतान की जांच में दोषी पाए गए दो और वनरक्षकों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा दो कंप्यूटर ऑपरेटरों को पद से अलग किया गया है। भुगतान में गड़बड़ी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

















