भोपाल, 31 जुलाई।
यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गैस पीड़ित संगठनों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठनों का दावा है कि कारखाने के आसपास की बस्तियों और मोहल्लों में मल-दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की है।
भोपाल में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में संगठनों ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जांच किए गए 63 पानी के नमूनों में से 43 में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, 30 समुदायों से लिए गए नमूनों में से 19 जगहों के पानी में मल-संदूषण की पुष्टि हुई है।
भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष नवाब खान ने बताया कि अपर लेक (बड़ा तालाब) से सप्लाई होने वाले पानी के करीब 90 प्रतिशत और कोलार डैम से मिलने वाले पानी के 25 प्रतिशत नमूने जांच में दूषित मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति हजारों परिवारों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने आरोप लगाया कि प्रभावित इलाकों में दस्त, उल्टी, पेट संबंधी बीमारियों और टाइफाइड के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे से भूजल प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नई पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए थे।
भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने कहा कि वर्ष 2018 में भी सुप्रीम कोर्ट ने सीवेज लाइन और ड्रेनेज व्यवस्था को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की एक्टिविस्ट रचना धींगरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को समयबद्ध तरीके से विकसित करने तथा पेयजल की गुणवत्ता की स्वतंत्र निगरानी की मांग की।
गैस पीड़ित संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

















