मैसूर, 31 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अगस्त को कर्नाटक के मैसूर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र–विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। यह स्मारक मैसूर के नारायण शास्त्री रोड स्थित ऐतिहासिक निरंजन मठ परिसर में बनाया गया है।
यह केंद्र स्वामी विवेकानंद की वर्ष 1892 में हुई मैसूर यात्रा की स्मृति में निर्मित किया गया है। स्वामी विवेकानंद ने अपने मैसूर प्रवास के दौरान कई व्याख्यान दिए थे। तत्कालीन मैसूर महाराजा श्री चामराजेंद्र वाडियार के सहयोग से उन्हें वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भाग लेने का अवसर मिला था।
स्वामी विवेकानंद की इसी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से करीब 81 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में इस स्मारक का निर्माण किया गया है। यहां अत्याधुनिक 4-डी अनुभव केंद्र, प्रदर्शनी हॉल, करीब 700 सीटों वाला एम्फीथिएटर, पुस्तकालय, वाचनालय, ध्यान एवं योग कक्ष, कक्षाएं, सम्मेलन कक्ष, पुस्तक बिक्री केंद्र और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम पहुंचकर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करेंगे। इसके बाद वे आश्रम के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में करीब 30 मिनट तक शामिल होंगे। कार्यक्रम में कॉलेज विद्यार्थियों सहित लगभग छह हजार लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रवेश विशेष पास के माध्यम से दिया जाएगा।
आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिदानंद ने बताया कि इस अवसर पर प्रसिद्ध शिल्पकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा प्रधानमंत्री को स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की जाएगी। साथ ही मैसूर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विशेष उपहार भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र में युवाओं के लिए मूल्य आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास, व्यक्तित्व निर्माण, व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और क्षमता विकास गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों व युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए मैसूर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस आयुक्त सीमा लाटकर की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंध, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम स्थलों, प्रधानमंत्री के मार्ग और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

















