नई दिल्ली, 31 जुलाई।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए बने नए कानून को छात्र हितों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं से सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कानून लाने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर वीडियो जारी कर बताया कि लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नए कानून के माध्यम से सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में पहला कदम वर्ष 2024 में उठाया गया था, जब सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए कानून बनाया गया था। अब संशोधित कानून को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। नया कानून ऐसे लोगों पर सख्ती करेगा जो गलत तरीकों से छात्रों के अधिकारों और अवसरों को नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष बनाना और ईमानदारी से तैयारी करने वाले युवाओं के हितों की सुरक्षा करना है।

















