जयपुर, 31 जुलाई।
पटवारी भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़े में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए 18 महीने से फरार चल रही 10 हजार रुपये की इनामी महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास की और सरकारी पटवारी की नौकरी हासिल की थी। मामले में परीक्षा देने वाली डमी अभ्यर्थी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसओजी के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान चुंकी बाई (41) के रूप में हुई है। उसने वर्ष 2021 में आयोजित पटवार भर्ती परीक्षा में फर्जी तरीके से चयन हासिल किया था। चयन के बाद उसकी पहली नियुक्ति पटवार हल्का इंदु (कुम्हेर) में हुई थी। इसके बाद वह उपखंड कार्यालय पहाड़ी में पटवारी के पद पर कार्यरत रही। मामला सामने आने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि गोपनीय शिकायत की जांच के बाद वर्ष 2024 में इस मामले में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 1992 के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि 23 अक्टूबर 2021 को हुई पटवार भर्ती परीक्षा में आरोपी महिला ने प्रवेश पत्र पर अपनी और डमी अभ्यर्थी की मिली-जुली फोटो लगाई थी। इसके साथ ही कूटरचित हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर अपनी जगह दूसरी महिला से परीक्षा दिलवाई गई।
एसओजी जांच में यह भी पता चला कि परीक्षा में बैठने वाली डमी अभ्यर्थी को आरोपी ने पांच लाख रुपये नकद दिए थे। फर्जी तरीके से परीक्षा पास कर उसने सुनियोजित योजना के तहत सरकारी नौकरी हासिल की।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी महिला लगातार फरार रही और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदलती रही। उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी के उप महानिरीक्षक की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार तलाश के बाद एसओजी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में डमी अभ्यर्थी छम्मी बाई उर्फ सम्मी उर्फ समिता को एसओजी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वह राजकीय प्राथमिक विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षिका के पद पर कार्यरत थी और मामले के सामने आने के बाद उसे भी निलंबित कर दिया गया था।
एसओजी अब परीक्षा फर्जीवाड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
















