भोपाल 31 जुलाई।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू हो गया है। पहले चरण में 10 ई-बसें दो प्रमुख रूटों पर चल रही हैं, जिनसे प्रतिदिन दो हजार से अधिक यात्री सुरक्षित, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
ट्रायल रन सफल होने के बाद 30 जुलाई से ई-बसों का नियमित संचालन शुरू किया गया। केंद्र और राज्य सरकार की इस योजना के तहत भोपाल के लिए जीसीसी मॉडल पर पहले चरण में 100 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। वर्तमान में मार्ग क्रमांक बी-35 (बैरागढ़ डिपो–बोर्ड ऑफिस) और बी-36 (बैरागढ़ चीचली–रेल कोच फैक्ट्री) पर 10 बसें संचालित की जा रही हैं।
ई-बस सेवा के पहले ही दिन यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिला। यात्रियों के लिए डिजिटल टिकटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। क्यूआर कोड के माध्यम से टिकट लेने के साथ मोबाइल ऐप से टिकट और पास बनवाने की सुविधा भी दी गई है।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बसों में एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित पैसेंजर काउंटर सिस्टम, दिव्यांग यात्रियों के लिए हाइड्रोलिक व्हीलचेयर लिफ्ट, इमरजेंसी पैनिक बटन, स्टॉप बटन, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
बी-35 रूट पर बैरागढ़ डिपो से बोर्ड ऑफिस तक लालघाटी, रॉयल मार्केट, कमला पार्क, रोशनपुरा, न्यू मार्केट और रेडक्रॉस अस्पताल जैसे प्रमुख पड़ाव शामिल हैं। वहीं बी-36 रूट बैरागढ़ चीचली से रेल कोच फैक्ट्री तक संचालित हो रहा है, जिसमें चुनाभट्टी, मनीषा मार्केट, 1100 क्वार्टर्स, बिट्टन मार्केट, एमपी नगर, आईएसबीटी और भोपाल रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख क्षेत्र जुड़े हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में प्रदूषण कम करने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। आने वाले चरणों में अन्य स्वीकृत बसों के संचालन के बाद भोपाल का परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा।

















