अनूपपुर, 31 जुलाई।
नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अनूपपुर जिला न्यायालय की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कृष्णा डागलिया की अदालत ने आरोपी को 30 वर्ष के कठोर कारावास के बाद हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने पॉक्सो अधिनियम के तहत 30 वर्ष के सश्रम कारावास और हत्या के मामले में आजीवन जेल की सजा का आदेश दिया है। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक हेमंत अग्रवाल ने मामले में पैरवी की। पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत पीड़िता और आरोपी की पहचान गोपनीय रखते हुए नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। न्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
मामले के अनुसार, जैतहरी थाना पुलिस को पनिका डोगरी जंगल के पास नाले में 13 वर्षीय बालिका का शव नग्न और घायल अवस्था में मिला था। सूचना मिलने के बाद एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पोस्टमार्टम सहित वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।
जांच में सामने आया कि बालिका के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई थी। पुलिस विवेचना के दौरान डीएनए जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू, घटना के समय पहने गए कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की थी।
पूरी जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, आरोपी पहले पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 30 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतेगा। इसके बाद हत्या के अपराध में दी गई आजीवन कारावास की सजा प्रभावी होगी। अभियोजन के अनुसार, आरोपी पहले से ही पीड़िता की मां की हत्या के एक अन्य मामले में जेल में बंद है।
















