झाबुआ, 5 अगस्त।
झाबुआ जिले के राणापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम वागलावाट मोहनिया में एक बालक की तेज बुखार, लगातार उल्टी, झटके और अचेत अवस्था के बाद उपचार के दौरान मृत्यु होने पर एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की आशंका के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चौपड़ा ने बताया कि जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण, रोग अन्वेषण और जन-जागरूकता अभियान चलाया। अभियान के दौरान ग्राम वागलावाट मोहनिया, आंबापाड़ा और बडलीपाड़ा के लगभग 380 घरों में 15 वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग की गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान ग्राम वागलावाट मोहनिया में एईएस का कोई अन्य संदिग्ध मामला सामने नहीं आया। विभाग ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय जारी हैं।
रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि यदि किसी बच्चे में तेज बुखार, लगातार उल्टी, झटके, बेहोशी या मानसिक स्थिति में परिवर्तन जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना विलंब निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। साथ ही संबंधित एएनएम, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं को अगले दो सप्ताह तक प्रतिदिन सक्रिय निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम में डॉ. जी.एस. चौहान, डॉ. हेमेंद्र देवड़ा, राधा चौहान, जितेंद्र बघेल, झितरसिंह सोलंकी, सीएचओ, एएनएम, आशा सुपरवाइजर और आशा कार्यकर्ता शामिल रहे। टीम ने आवश्यकता अनुसार सैंपलिंग और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि बच्चों में तेज बुखार, लगातार उल्टी, झटके, बेहोशी या मानसिक स्थिति में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल शासकीय स्वास्थ्य संस्था में संपर्क करें, ताकि समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।














