नई दिल्ली, 5 अगस्त।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि देश में पॉलिमर (प्लास्टिक) करेंसी नोट वित्त वर्ष 2027-28 की शुरुआत तक चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किए जाने का लक्ष्य है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद उन्होंने बताया कि आरबीआई इस दिशा में तैयारी कर रहा है।
गवर्नर ने कहा कि प्लास्टिक के नोटों को लाने का उद्देश्य करेंसी को अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लंबे समय तक उपयोग योग्य बनाना है। पॉलिमर नोट सामान्य कागज के नोटों की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं, जल्दी फटते नहीं हैं और इनमें अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोट तैयार करना काफी मुश्किल हो जाता है।
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि पॉलिमर नोटों के आने के बाद मौजूदा कागज के नोटों को तत्काल बंद नहीं किया जाएगा। शुरुआती चरण में दोनों प्रकार की करेंसी एक साथ प्रचलन में रहेगी, ताकि बदलाव की प्रक्रिया सहज तरीके से पूरी की जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार पॉलिमर नोट गंदगी और नमी से कम प्रभावित होते हैं तथा इनकी उम्र कागज के नोटों से अधिक होती है। इससे नोटों की बार-बार छपाई की आवश्यकता कम होगी और लंबे समय में लागत में भी कमी आने की संभावना है।
दुनिया के कई देशों में पहले से ही पॉलिमर करेंसी का उपयोग किया जा रहा है। भारत में भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है।














