नई दिल्ली, 05 अगस्त।
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में कराए जा रहे तथाकथित स्थानीय चुनावों को पूरी तरह दिखावा बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे औपचारिक चुनावी अभ्यास वहां की वास्तविक स्थिति को छिपा नहीं सकते, जहां लोगों के विरोध प्रदर्शन और पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई लगातार जारी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जून से अब तक जारी कार्रवाई में कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जन असंतोष का जवाब पाकिस्तान की ओर से गोलियों, संचार बंदी, डराने-धमकाने और दमन के जरिए दिया गया है। अब चुनावों के माध्यम से वैधता का आभास देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपनी कार्रवाई के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मानवाधिकारों पर उसके दोहरे रवैये को समझना चाहिए।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़े एक प्रश्न पर प्रवक्ता ने बताया कि फरवरी में पदभार संभालने के बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत की द्विपक्षीय यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था।
उन्होंने कहा कि सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेने के लिए भी बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को अलग से आमंत्रित किया गया है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया ब्रिक्स की स्थापित परंपरा के अनुरूप अपनाई गई है और अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी इसी प्रकार आमंत्रण भेजा गया है।
पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित मीडिया संवाद के संबंध में प्रवक्ता ने कहा कि इसका आयोजन एक निजी मीडिया संस्था कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का इस कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं है और न ही मंच पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों का सरकार समर्थन करती है।













