रांची, 05 अगस्त।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों अभ्यर्थी पिछले 12 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि तेज धूप के बीच लगातार धरना देने के बावजूद उन्हें पीने का पानी, भोजन और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव बना हुआ है।
रांची से सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस मुद्दे पर विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने पूरी तरह असंवेदनशील रवैया अपनाया है और अब तक सरकार का कोई प्रतिनिधि प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा।
इस बीच गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने भी हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने परीक्षा में सीटें बेचे जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया के संचालन पर सवाल खड़े किए।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी आंदोलनरत छात्रों की स्थिति को राज्य सरकार की असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकारों की यह लड़ाई केवल रांची तक सीमित नहीं रहेगी।
कथित पेपर लीक और धरना स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।











