पटना, 5 अगस्त।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, खेल, न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसलों के जरिए सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
सबसे अहम निर्णय सात निश्चय-3 के तहत राज्य के 16 ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों (डेंटल कॉलेज सहित) के संचालन को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आगे बढ़ाने का रहा। इसके लिए प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (PwC) को ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त किया गया है और 8.27 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
खेल क्षेत्र में राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित किया जाएगा। वहीं, ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडाटा तैयार करने के लिए 6.23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
शहरी जलापूर्ति को मजबूत करने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये और मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1) के लिए 177.72 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने MSME निदेशालय के पुनर्गठन, पूर्णिया, भागलपुर और गया में एनडीपीएस मामलों के लिए विशेष अदालतों की स्थापना तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त विशेष अदालतों के गठन को भी मंजूरी दी।
सामाजिक कल्याण विभाग के तहत संचालित बाल गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती, आयुष सेवा नियमावली में संशोधन, बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026, पूर्वी चंपारण में केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि आवंटन, नवादा में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) के लिए 44 एकड़ जमीन और हर घर तिरंगा अभियान-2026 के लिए 6.12 करोड़ रुपये के व्यय को भी मंजूरी प्रदान की गई।














