राजगढ़, 06 अगस्त।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में गुरुवार को मोहनपुरा डेम परिसर में वीबी-जी रामजी (विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी-ग्रामीण) के तहत जिला स्तरीय सरपंच उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिलेभर के सरपंचों को नए अधिनियम और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी की उपस्थिति और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने कहा कि वीबी-जी रामजी अधिनियम-2025 ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि अधिनियम में विकास योजना, वित्तीय अनुशासन, किसान हित और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को गति मिलेगी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान सरपंचों ने अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिनके समाधान का भरोसा अधिकारियों ने दिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ डाटा मैनेजर जितेंद्र पंवार ने अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की। वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने ग्राम पंचायतों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रत्येक पंचायत में सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की।
कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन टीम भावना के साथ कार्य कर रहा है और सभी का उद्देश्य गांवों का समग्र विकास है। उन्होंने सरपंचों से पारदर्शिता, ईमानदारी और जनभागीदारी के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।














