राजगढ़, 06 अगस्त।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में मध्य प्रदेश पटवारी संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन के तहत पटवारियों ने अपना बस्ता जमा कर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
पटवारी संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी के विरोध में प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत हड़ताल शुरू की गई है। संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू कर वेतन विसंगति दूर करना, नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा नियमित कराना, पटवारियों को जन प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करना, विभिन्न सर्वे और योजनाओं से जुड़े लंबित मानदेय का भुगतान तथा संगठन पदाधिकारियों के नियमविरुद्ध स्थानांतरण पर रोक लगाना शामिल है।
संघ ने आरोप लगाया कि पूर्व में मुख्यमंत्री स्तर पर दिए गए आश्वासनों के बावजूद मांगों का समाधान नहीं किया गया। इसलिए अब आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। पटवारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
हड़ताल के कारण क्षेत्र में जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, नामांतरण, सीमांकन, भूमि माप-जोख और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की संभावना है। इससे आम नागरिकों को आवश्यक सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पटवारी संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे। संघ का कहना है कि वह हमेशा शासन के कार्यों में सहयोग करता रहा है, लेकिन अब अपनी मांगों के समाधान के लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा।
वहीं, इस मामले में राज्य सरकार की ओर से हड़ताल और पटवारी संघ की मांगों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।














