न्यूयॉर्क, 24 सितंबर।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि ईरान के साथ किसी प्रकार का कोई समझौता होना है, तो तेहरान को अपने परमाणु कार्यक्रम का पूरी तरह से त्याग करना होगा। न्यूयॉर्क के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक समझौते के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, बशर्ते ईरान परमाणु हथियारों की अपनी महत्वकांक्षा को छोड़ दे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को आतंकवाद का समर्थन बंद करना होगा, तभी वह एक समृद्ध और महान राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ सकेगा।
प्रेस वार्ता में विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बात करते हुए रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मार्ग को खुला रखने और वहां नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि लगातार हमलों के कारण क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरानी व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि तेहरान के नेताओं को अमेरिकी प्रणाली और राष्ट्रपति की शक्तियों को लेकर गलतफहमी है, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में अमेरिका का रुख पूरी तरह से स्पष्ट और दृढ़ है।
क्यूबा के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वहां की पुरानी व्यवस्था विफल हो चुकी है और अब वहां राजनीतिक व आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी विफलताओं और कुप्रबंधन को रातों-रात ठीक नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, फ्रांस के राष्ट्रपति के बयानों और संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक संस्थाओं को अपने मूल उद्देश्यों और वास्तविक शांति स्थापना के प्रयासों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के संदर्भ में रुबियो ने कहा कि इस युद्ध का समाधान केवल रणभूमि में नहीं, बल्कि आपसी बातचीत और कूटनीतिक समझौतों के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। अमेरिका यही चाहता है कि यह संघर्ष जल्द से जल्द समाप्त हो और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।
















