नई दिल्ली, 28 सितंबर।
भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग अब मानव अंतरिक्ष उड़ान, स्टार्टअप और नए अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित होकर अगले चरण में पहुंच रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान और अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट के नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में यह बात कही।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस के छह दशक से अधिक पुराने अंतरिक्ष संबंध अब व्यापक सहयोग का आधार बन सकते हैं। दोनों देशों की सरकारों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप को साथ लाकर अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों की साझेदारी रॉकेट प्रयोगों से शुरू होकर गगनयान और संयुक्त उपग्रह अभियानों तक पहुंची है। भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रहे बदलावों ने सरकारी संस्थानों और स्थापित एजेंसियों से आगे सहयोग के नए अवसर भी तैयार किए हैं।
डॉ. सिंह ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत के सुधारों और निजी क्षेत्र के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 400 से अधिक भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप रॉकेट निर्माण, उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सहयोग के अगले चरण में दोनों देशों के सरकारी संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप को साथ लाकर व्यापक संसाधन आधार तैयार किया जा सकता है। मंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सरकार, उद्योग और स्टार्टअप के बीच व्यापक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।














