कोलकाता, 06 अक्टूबर।
दिसंबर 2020 में डायमंड हार्बर के शिराकोल में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में करीब छह वर्ष बाद पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। उस्ती थाना पुलिस ने मामले की पुनः जांच के दौरान स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता ‘पुष्पा’ उर्फ जहांगीर खान को आरोपित बनाकर गिरफ्तार किया है। जहांगीर पहले से ही एक अन्य मामले में जेल में बंद था और इस मामले में उसे ‘शोन अरेस्ट’ दिखाया गया है। पुलिस के मुताबिक, पुनः जांच के दौरान तौसीफ अहमद, आरिफ हुसैन और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई थी। इसी पूछताछ में मिले बयानों के आधार पर जहांगीर की कथित भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसे भी मामले में गिरफ्तार किया गया। डायमंड हार्बर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक मजूमदार के अनुसार, नए सिरे से शुरू हुई जांच में अब तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में दो अवैध आग्नेयास्त्र और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। फिलहाल चारों आरोपित पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां हमले में उनकी कथित भूमिका तथा घटना के पीछे संभावित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। जहांगीर खान के खिलाफ 2019 में भी मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उसे अदालत से राहत मिली थी। फलता विधानसभा क्षेत्र में चुनाव से पहले भी उसे कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत मिली थी, लेकिन बाद में ये कानूनी राहतें वापस लिए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हुआ। दिसंबर 2020 में जेपी नड्डा के डायमंड हार्बर दौरे के दौरान उनके काफिले पर पथराव और हमले के बाद भाजपा और तत्कालीन राज्य सरकार के बीच तीखा राजनीतिक विवाद हुआ था। अब पुलिस गिरफ्तार चारों आरोपितों से पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।














