नई दिल्ली, 07 अक्टूबर।
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित संशोधित कानून पर आए हालिया विभाजित फैसले पर पुनर्विचार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने की सहमति जताई है। बुधवार को वकील गोपाल शंकरनारायणन ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए दो न्यायाधीशों के अलग-अलग फैसले को वापस लेने की मांग रखी। इस पर पीठ ने कहा कि वह इस पर विचार करेगी। इससे पहले 23 सितंबर को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले में अलग-अलग राय दी थी। जस्टिस दत्ता ने कहा था कि इस मुद्दे को संविधान पीठ के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है और दो न्यायाधीशों की पीठ ही इस पर निर्णय कर सकती है, जबकि जस्टिस शर्मा ने मामले को संविधान पीठ के समक्ष भेजने का समर्थन किया था।
दोनों न्यायाधीशों की राय में मतभेद के बाद पीठ ने कहा था कि मामले को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए, ताकि अंतिम और प्रभावी निर्णय के लिए उचित संख्या वाली पीठ का गठन किया जा सके। अब इसी आदेश और विभाजित फैसले पर पुनर्विचार की मांग अदालत के समक्ष रखी गई है। याचिका में संशोधित कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े मुद्दे पर पहले दिए गए विभाजित फैसले को वापस लेने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए मामले को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।













