कोलकाता, 07 अक्टूबर।
बेहाला इलाके से 18 अप्रैल 2011 को लापता हुए 19 वर्षीय दो छात्रों के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया है। दोनों छात्रों के लापता होने के दो दिन बाद परिवारों को फिरौती के लिए फोन आया था। अपहरणकर्ताओं ने छात्रों को सुरक्षित छोड़ने के बदले बड़ी रकम मांगी, जिसे परिजनों ने बातचीत के बाद चुका दिया था। इसके बावजूद दोनों छात्र वापस नहीं लौटे और 16 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका। मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी, जिसे बाद में सीआईडी को सौंप दिया गया। लंबे समय तक जांच के बावजूद कोई ठोस सुराग सामने नहीं आने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति देबांशु बसाक और न्यायमूर्ति आर्यक दत्त की खंडपीठ ने जांच की स्थिति की समीक्षा के बाद सीबीआई को मामले की जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया। अदालत ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय एजेंसी जरूरत महसूस होने पर नई प्राथमिकी दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर सकती है। इससे सीबीआई को पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा के साथ जांच के नए पहलुओं पर भी काम करने का अधिकार मिलेगा। हाईकोर्ट ने जांच की प्रगति से जुड़ी रिपोर्ट दिसंबर में अदालत के समक्ष पेश करने का भी निर्देश दिया है। अदालत के इस फैसले से वर्षों से अपने बच्चों की तलाश कर रहे दोनों परिवारों में मामले का सच सामने आने और न्याय मिलने की उम्मीद फिर जगी है।













