रेजीनगर, 7 अक्टूबर।
पश्चिम बंगाल के विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने रेजीनगर उपचुनाव के परिणाम से पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने और विधायक पद छोड़ने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हुमायूं कबीर ने दावा किया कि रेजीनगर में लोगों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अवसर नहीं मिला और चुनाव प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई। उन्होंने चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव के दिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था और शाम को रिहा किया गया। उनके बेटे गोलम नबी आजाद इस चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार हैं। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
कबीर ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद वह सार्वजनिक बैठक कर लोगों से माफी मांगेंगे और अपने 64 साल के राजनीतिक जीवन को समाप्त करने की औपचारिक घोषणा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रेजीनगर से भाजपा की जीत होगी और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में वह विधानसभा नहीं जाएंगे।














