भोपाल, 28 सितंबर।
मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। यूनेस्को की अस्थायी सूची में प्रदेश के चार और ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें बाग गुफाओं के भित्ति चित्र, गिनौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं।
पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि इन चार स्थलों के जुड़ने के बाद भारत की 78 अस्थायी धरोहरों में मध्य प्रदेश की संख्या 19 हो गई है। इसे प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।
धार की बाग गुफाएं अपने प्राचीन भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। सीहोर स्थित गिनौरगढ़ किला गोंड शासन और जल प्रबंधन से जुड़ी विरासत को दर्शाता है। मुरैना के बटेश्वर-पदावली-ककरामठ मंदिर समूह प्रारंभिक मध्यकालीन मंदिर वास्तुकला के उदाहरण हैं। विदिशा की उदयगिरि गुफाएं गुप्तकालीन धार्मिक और राजनीतिक अभिव्यक्तियों से जुड़ी हैं।
इन स्थलों को सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार किए और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई। अस्थायी सूची भविष्य में विश्व धरोहर सूची में शामिल होने की दिशा में प्रारंभिक चरण है।














