लखनऊ, 28 सितंबर।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल बंद कर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई है। लखनऊ में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को लेकर लोगों का विश्वास फिर कायम करने के लिए ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराया जाना चाहिए।
मायावती ने कहा कि देश में शुरुआती चुनावों से करीब पांच दशकों तक बैलेट पेपर के जरिए मतदान होता रहा। मतगणना के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतपत्र खोले और गिने जाते थे। उन्होंने कहा कि बाद में चुनाव प्रक्रिया में ईवीएम का इस्तेमाल शुरू किया गया।
बसपा प्रमुख ने भाजपा पर ईवीएम को लेकर उसके पुराने रुख में बदलाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार के समय भाजपा ईवीएम का विरोध करती थी और इसे हैक किए जाने की आशंका जताती थी। मायावती के अनुसार, भाजपा ने उस समय ईवीएम के खिलाफ एक किताब भी प्रकाशित की थी।
मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ईवीएम में गड़बड़ी कर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को चुनाव जिताया। उन्होंने कहा कि इसके बाद दलितों से जुड़े मामलों में उनके आंदोलनों और प्रदर्शनों के कारण युवाओं पर मामले दर्ज होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने दलितों से ऐसे मामलों में बहकावे में नहीं आने की अपील की।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण और इससे जुड़े मामलों को लेकर बनी भ्रांतियों को समय रहते दूर नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया। मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग को इन विषयों पर समय से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।
बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनाव से जुड़े कई अन्य मुद्दों पर भी समय रहते भ्रम दूर किया जाना जरूरी था। उन्होंने फिर मांग की कि ईवीएम से चुनाव की प्रक्रिया बंद कर बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए।














