जोधपुर, 28 सितंबर।
राइकाबाग इलाके में घर के बाहर श्वान घुमाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लालजी हैण्डीक्राफ्ट के पीछे किराए के मकान में रहने वाले 23 वर्षीय युवक यशवंत सिंह के साथ पड़ोस के लोगों ने पहले घर के बाहर और फिर घर में घुसकर हाथों व डंडों से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल यशवंत को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, जिसे अब हत्या में बदल दिया गया है।
उदयमंदिर पुलिस ने मामले में मामा-भांजे समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि यशवंत के परिवार द्वारा पड़ोसी के घर के बाहर श्वान घुमाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की।
उदयमंदिर थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि फलोदी जिले के आमला निवासी प्रेमसिंह पुत्र भोमसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका 23 वर्षीय भाई यशवंत सिंह राइकाबाग में लालजी हैण्डीक्राफ्ट के पीछे भगवान सिंह के मकान में किराए से रहता था। 26 सितंबर को श्वान घुमाने की बात पर पड़ोसी से उसका विवाद हुआ था।
रिपोर्ट के अनुसार मोहित उर्फ मिंटू, लक्की और दामिनीकांत राजवंशी ने पहले यशवंत के घर के बाहर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद घर में घुसकर डंडों से हमला किया गया। गंभीर चोट लगने के बाद यशवंत को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने लक्की पंवार, दामिनीकांत राजवंशी और मोहित गुप्ता उर्फ मिंटू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मोहित और दामिनीकांत आपस में मामा-भांजे हैं। तीनों से आगे पूछताछ की जा रही है।














