नई दिल्ली, 29 सितंबर।
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। याचिकाकर्ता राकेश कुमार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष इस मामले को विशेष रूप से उल्लेखित करते हुए त्वरित सुनवाई का आग्रह किया था, जिस पर अदालत ने मुहर लगा दी। इस याचिका में मुख्य रूप से यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि निर्वाचन आयोग के भीतर शक्तियों का केंद्रीकरण तेजी से बढ़ रहा है और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट की प्रक्रिया में किए गए बदलाव तथा सॉफ्टवेयर में फेरबदल अन्य दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बिना सहमति या जानकारी के किए गए हैं।
याचिका में अदालत से यह मांग भी की गई है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा लिए गए सभी विवादित फैसलों को गैरकानूनी घोषित किया जाए, फॉर्म 6 को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने के मामले की एसआईटी से जांच कराई जाए। इसके अलावा, याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग और आयोग की आईटी प्रमुख सीमा खन्ना के विरुद्ध भी आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया गया है। उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह दावा किया गया था कि अन्य चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर के दौरान कई बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिन्हें दरकिनार कर दिया गया था।














