चंडीगढ़, 29 सितंबर।
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) परिसर में हाल ही में भड़की भारी हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका के माध्यम से अदालत की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी किसी प्रतिष्ठित स्वतंत्र एजेंसी से पूरे घटनाक्रम की तहकीकात कराए जाने का आग्रह किया गया है। एलपीयू के ही एक छात्र द्वारा दाखिल इस याचिका का मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ के समक्ष विशेष रूप से उल्लेख किया गया, जिसके उपरांत अदालत ने इस पर सुनवाई के लिए बुधवार का दिन मुकर्रर किया है।
ज्ञात हो कि गत रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी अपुष्ट अफवाहें सोशल मीडिया पर फैलने के बाद छात्रों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया था, जो देखते ही देखते पथराव, आगजनी और जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर जाम जैसी हिंसक घटनाओं में तब्दील हो गया था और स्थिति नियंत्रित करने के लिए दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को उतारना पड़ा था। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि यह विरोध प्रदर्शन महज स्वतःस्फूर्त छात्रों का आक्रोश नहीं था, बल्कि इसमें बाहरी तत्वों की संलिप्तता की भी आशंका है, जिसकी गहराई से पड़ताल जरूरी है। हालांकि, दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस का यह दावा है कि अब तक खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों में कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई प्रामाणिक तथ्य सामने नहीं आया है और पुलिस इस मामले की अपनी अलग समानांतर जांच में जुटी हुई है।














