वाशिंगटन, 29 सितंबर।
अमेरिका सरकार ने भारत सहित कुल 20 देशों से आयात की जाने वाली दुर्लभ बीमारियों की विशेष दवाओं और उनके निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों को भारी-भरकम शुल्कों से बड़ी राहत दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा फेडरल रजिस्टर में जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल्स पर आगामी 29 सितंबर से सौ फीसदी आयात शुल्क लगाए जाने की घोषणा के बावजूद, कुछ चुनिंदा जीवनरक्षक औषधियों और उनके घटकों पर शून्य प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले अप्रैल में घरेलू दवा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाए गए इस आदेश के तहत, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स, बांझपन के इलाज और पशु चिकित्सा से जुड़ी विशेष दवाओं को इस भारी कर छूट के दायरे में रखा गया है।
भारत के अलावा इस शून्य शुल्क श्रेणी में यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, ताइवान, अर्जेंटीना, बांग्लादेश और वियतनाम सहित कुल 20 देश शामिल हैं, जिन्हें यह विशेष रियायत इसलिए प्रदान की गई है क्योंकि इन राष्ट्रों के पास अमेरिका के साथ वर्तमान या भावी व्यापार एवं सुरक्षा रूपरेखा समझौता मौजूद है। व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल आयातों को विनियमित करने के लिए लागू किए गए इन नियमों का मुख्य मकसद जहां एक ओर अमेरिकी घरेलू विनिर्माण को सुदृढ़ करना है, वहीं दूसरी ओर दुर्लभ और गंभीर चिकित्सा स्थितियों के उपचार में आने वाली बाधाओं को दूर करना भी है।














