नई दिल्ली, 29 सितंबर।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए संदर्भों को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नियमित प्रेस वार्ता में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़ा विषय है और किसी बाहरी पक्ष का इस मामले में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। एर्दोगान ने 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के आम विमर्श में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख किया था और इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा संबंधित प्रस्तावों के दायरे में बातचीत के जरिए हल करने की बात कही थी।
जायसवाल ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हुई। बैठक के बाद तीनों देशों ने संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें आर्थिक, विकास और कुछ राजनीतिक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण रखा गया। फिलिस्तीन के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत दो-राज्य समाधान का समर्थन करता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र सितंबर 2026 में आयोजित हो रहा है और इसका आम विमर्श 22 से 26 सितंबर तथा 28 सितंबर को हुआ।














