उत्तरकाशी, 29 सितंबर।
उत्तरकाशी जिले के ऊंचाई वाले दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण फंसे ट्रैकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान मंगलवार को पूरा हो गया। करीब डेढ़ दिन चले अभियान में अलग-अलग ट्रैक रूटों से 67 ट्रैकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। गंगोत्री घाटी में अचानक बारिश और बर्फबारी के कारण कालिंदी पास सहित आसपास के उच्च हिमालयी इलाकों में 136 पर्वतारोही, ट्रैकर्स और सपोर्ट स्टाफ बेस कैंप में फंस गए थे। इन्हें निकालने के लिए सोमवार सुबह पुलिस, जिला प्रशासन, सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीमों ने अभियान शुरू किया। मौसम ठीक रहने तक पहले दिन 40 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन बाद में मौसम खराब होने पर हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू रोकना पड़ा।
मंगलवार को मौसम में सुधार के बाद अभियान फिर शुरू किया गया। हेलीकॉप्टर से कालिंदी पास से आठ, जोगिन-1 से आठ, सतोपंथ पीक बेस कैंप से आठ ट्रैकर्स और वासुकी ताल क्षेत्र से तीन आर्मी पोर्टर्स को सुरक्षित निकालकर हर्षिल पहुंचाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सभी को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, अधिक ऊंचाई, तेज हवाओं, भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीमों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं से हेलीकॉप्टर संचालन भी कई बार प्रभावित हुआ। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास से मंगलवार तक 67 ट्रैकर्स और पोर्टर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के अनुसार श्रीकंठ एक्सपीडिशन के 18 सदस्य अभियान पूरा करना चाहते हैं। सुदर्शन पीक के 12, भागीरथी-II के 20 आर्मी सदस्य, भागीरथी-II अभियान के नौ, शिवलिंग अभियान के सात और पांच सदस्यों का एक दल सुरक्षित रूप से स्वयं वापस लौट रहा है।














