ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर।
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के चौथे संस्करण का मंगलवार को समापन हुआ। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यह आयोजन उत्तर प्रदेश के उद्योग, निर्यात, उद्यमिता और वैश्विक कारोबार को एक मंच उपलब्ध कराने वाले प्रमुख आयोजनों में शामिल हो गया है। वर्ष 2003 में स्थापित इंडिया एक्सपो मार्ट भी प्रदेश के उत्पादों और उद्यमियों को खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। एक्सप्रेसवे, हवाई संपर्क, औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक ट्रेड इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ ऐसे प्लेटफॉर्म प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक आपूर्ति शृंखला तक पहुंचाने में भूमिका निभा रहे हैं। यूपीआईटीएस के जरिए ओडीओपी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
वर्ष 2025 के आयोजन में 2,200 से अधिक प्रदर्शक और 80 से अधिक देशों की भागीदारी हुई थी, जबकि 2026 के चौथे संस्करण में 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 90 देशों की भागीदारी और 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार पहुंचे। वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस साझेदार देशों के रूप में शामिल हुए। इंडिया एक्सपो मार्ट में 31 जुलाई 2026 तक 1,800 शो-रूम और 774 निर्यातक मौजूद थे। प्रदर्शनी हॉल की संख्या भी मार्च 2024 के 14 से बढ़कर मार्च 2026 में 16 हो गई और ऑपरेशनल क्षेत्रफल 64,888 वर्गमीटर से बढ़कर 76,484 वर्गमीटर पहुंच गया। बड़े व्यापारिक आयोजनों से होटल, परिवहन, कैटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा और अन्य स्थानीय सेवाओं को भी कारोबार मिलता है। डिजिटल इंडे और एक्सपोबाजार जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया गया है। जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, दिल्ली-एनसीआर से निकटता और औद्योगिक ढांचे के विस्तार के साथ ग्रेटर नोएडा अंतरराष्ट्रीय व्यापार गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।














