नई दिल्ली, 29 सितंबर।
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के सवालों पर प्रतिक्रिया दी। भाजपा कार्यालय में मंगलवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनावी हार की समीक्षा के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले मतदाता सूची में दर्ज मृत और डुप्लीकेट नामों के सत्यापन की प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग एसआईआर से जुड़े सवालों पर अपना पक्ष रख चुका है और सत्यापन के दौरान आवश्यक दस्तावेज जुटाने का प्रावधान है। चुनाव आयोग ने भी 26 सितंबर को कहा था कि एसआईआर में जिन मतदाताओं के मामलों में दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत है, वहां बूथ लेवल अधिकारी घर जाकर दस्तावेज एकत्र कर उन्हें संबंधित अधिकारी तक पहुंचाएंगे।
ईरानी ने कांग्रेस से यह भी पूछा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर पार्टी का क्या रुख है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल सभी राज्यों में समान रूप से उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और ए.ओ. ह्यूम की भूमिका का भी उल्लेख किया। ईरानी ने कहा कि राजनीतिक दलों की आलोचना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर चर्चा करते समय संस्थागत व्यवस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस एसआईआर और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रही है।














