अनूपपुर, 29 सितंबर।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) के तहत जिले में संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय नोडल अधिकारी एवं ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा ने विभागों को आपसी समन्वय से किसान कल्याण से जुड़े लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का कवरेज बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। पशुपालन क्षेत्र में टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने के साथ मत्स्य पालन में केज कल्चर के जरिए उत्पादन बढ़ाने और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर आय बढ़ाने तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से उपज की बिक्री व्यवस्था मजबूत करने की बात कही। शशांक मिश्रा ने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार से जोड़ने के लिए प्रभावी विपणन चैनल विकसित किए जाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी के साथ मैदानी स्तर पर विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
जिले के भ्रमण के दौरान शशांक मिश्रा ने कृषि, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों का भी जायजा लिया। उन्होंने किसानों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत कर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी ली। ग्राम जमुड़ी में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत स्थापित बायो रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत स्थापित राइस मिल का भी अवलोकन किया और प्रगतिशील किसान से आधुनिक कृषि पद्धति, ड्रिप सिंचाई तथा नाशपाती की खेती पर चर्चा की। शिवरीचंदास स्थित अमरकंटक हॉर्टिकल्चर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी में महिला किसानों से संवाद कर उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को मजबूत करने को कहा। पुष्पराजगढ़ के कोहका पूर्व में कोदो प्रसंस्करण, बेकरी और एग्रो प्रोसेसिंग सेंटर का निरीक्षण कर उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बिक्री व्यवस्था की जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा, जिला पंचायत सीईओ अर्चना कुमारी सहित कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य, सहकारिता, बैंकिंग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।














