भोपाल, 29 सितंबर।
2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान झाबुआ में दिए गए एक बयान से जुड़ा मानहानि मामला अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनावी सभा में पनामा पेपर्स का उल्लेख करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। इसके बाद कार्तिकेय ने भोपाल की अदालत में मानहानि का परिवाद दायर किया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत कार्रवाई शुरू हुई थी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से बताया गया कि कार्तिकेय का नाम लिया जाना तथ्यात्मक भूल थी। उन्होंने इस बयान पर लिखित रूप से खेद व्यक्त किया। कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के स्पष्टीकरण और खेद को स्वीकार कर लिया तथा मामले की आगे की कार्रवाई समाप्त करने पर सहमति दी।
हाईकोर्ट ने 25 जून 2026 को दोनों पक्षों की सहमति और राहुल गांधी की ओर से व्यक्त खेद के आधार पर कार्यवाही समाप्त करने का आदेश दिया। आदेश में भोपाल की अदालत में लंबित मामले को भी समाप्त करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय में भी प्रकरण का निराकरण हो गया। इस तरह 2018 के चुनावी बयान से शुरू हुई कानूनी कार्यवाही अब खत्म हो चुकी है।














