भोपाल, 29 सितंबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 68वें अखिल भारतीय कालिदास समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि समारोह में प्रदेश की प्रतिष्ठित साहित्यिक और सांस्कृतिक विभूतियों की स्मृतियों से जुड़ी गतिविधियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कवि प्रदीप, कृष्ण सरल, शिवमंगल सिंह सुमन और शरद जोशी जैसे रचनाकारों पर केंद्रित कार्यक्रम जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ रंगकर्मियों और निर्देशकों को कला प्रदर्शन के अधिक अवसर मिलें तथा युवाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए। 21 से 27 नवंबर तक प्रस्तावित सात दिवसीय समारोह में राज्य की प्रतिभाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन कला प्रतियोगिताओं से जोड़ने, एकात्मधाम ओंकारेश्वर, संगीत विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के प्रतिनिधियों को कार्यक्रमों में शामिल करने तथा पुलिस बैंड की प्रस्तुति कराने को भी कहा।
अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने समारोह की प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि 20 नवंबर को मंगल कलश यात्रा और नांदी सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ पूर्वरंग होगा। 21 नवंबर को राष्ट्रीय चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी का शुभारंभ और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 22 नवंबर को राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी और पंडित सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान, 23 नवंबर को महाकवि कालिदास स्मृति व्याख्यान, 24 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर स्मृति व्याख्यान और संस्कृत नाटक, 25 नवंबर को संस्कृत कवि समवाय एवं हिंदी नाटक, 26 नवंबर को संत समागम और 27 नवंबर को समापन समारोह आयोजित होगा। समापन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ पुरस्कार वितरण भी किया जाएगा। बैठक में कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गन्धे, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा सहित समिति के सदस्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।














