अहमदाबाद, 29 सितंबर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की अपील मंगलवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग के 2016 के निर्देश को निरस्त किया गया था। अदालत ने केजरीवाल पर लगाए गए 25 हजार रुपये के जुर्माने को भी कायम रखा। खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। मार्च 2023 में एकल पीठ ने गुजरात विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री की डिग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए दिए गए सीआईसी के निर्देश को रद्द किया था और केजरीवाल पर 25 हजार रुपये की लागत लगाई थी।
यह मामला 2016 में केजरीवाल की ओर से सीआईसी को भेजी गई चिट्ठी के बाद शुरू हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री की डिग्री से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। अप्रैल 2016 में सीआईसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय और गुजरात विश्वविद्यालय को संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। गुजरात विश्वविद्यालय ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद मार्च 2023 में एकल पीठ ने सीआईसी का निर्देश रद्द कर दिया। इसी फैसले के खिलाफ केजरीवाल ने अपील दायर की थी। सितंबर 2026 में खंडपीठ ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद 24 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था और अब अपील खारिज कर दी।














