भोपाल, 30 सितंबर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कई गतिविधियां आयोजित करने के साथ जनहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए नई कृषि तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उमरिया में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से जुड़े और किसानों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उमरिया कोयला भंडार, बांधवगढ़ किले और प्राकृतिक औषधि व वन्यजीव संपदा के लिए जाना जाता है। अच्छी खेती के लिए सिंचाई सुविधाओं को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर गांव और खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के संकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने किसानों से धान और श्रीअन्न के उपार्जन के लिए समय पर पंजीयन कराने को कहा, ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके। इसी मौसम से किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात कही। जिला प्रशासन को किसान चौपाल लगाकर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
डॉ. यादव ने किसानों से गोपालन, दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी तथा जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाकर आय बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि उमरिया में जल्द बड़ी खाद्य प्रसंस्करण इकाई शुरू होगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पंचायत स्तर पर दुग्ध संकलन समितियों के पंजीयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। किसानों से कस्टम हायरिंग केंद्र और सौर पंप सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने को भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्यों के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान चल रहा है। जन विश्वास अभियान के माध्यम से पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र के अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराई जा रही है। किसानों को भी स्वामित्व योजना का लाभ मिल रहा है। पक्की रजिस्ट्री मिलने से हितग्राही बैंक ऋण सहित अन्य जरूरतों में संपत्ति का उपयोग कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षित और समृद्ध मध्य प्रदेश के लिए विद्यार्थियों के हित में भी कई योजनाएं संचालित हैं। शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी दी गई हैं, वहीं प्राथमिक व माध्यमिक कक्षाओं के बच्चों को नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें दी जा रही हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी शुरू किए गए हैं। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।














