भोपाल, 30 सितंबर।
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू होने वाला है। इसी सप्ताह प्रदेश से मानसून लौटना शुरू हो जाएगा। सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से इसकी वापसी होगी। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से मानसून विदा होगा। इससे पहले अगले तीन दिनों तक कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक और आंधी का दौर रह सकता है।
मौसम एवं विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से गुजरते हुए मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने लगी हैं। बुधवार को 19 जिलों में हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना है, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में धूप खिली रहने का अनुमान है।
बुधवार को बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना में हल्की बूंदाबांदी के साथ आंधी और गरज-चमक हो सकती है।
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन और नीमच में मौसम साफ रहने तथा धूप निकलने की संभावना है। आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक 1 और 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 3 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में बारिश वाले बादलों के छंटने की संभावना है। इस तारीख के बाद गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना नहीं रहने का अनुमान है।
इस मानसून सीजन में पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश औसत से 4 प्रतिशत अधिक रही है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश की कमी रही है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 प्रतिशत से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
दूसरी ओर अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में औसत से अधिक बारिश दर्ज हुई है। पश्चिमी हिस्से में आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में भी सामान्य से अधिक पानी गिरा है।
प्रदेश में इस बार कुल बारिश का आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना कम है। मानसून की वापसी शुरू होने के साथ बारिश वाले दिनों में भी तेजी से कमी आने का अनुमान है।














