भोपाल, 1 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में मानसून अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश से विदा हो सकता है। इससे पहले नमी के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून का आधिकारिक मौसम 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस बार सीजन के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई। इसका असर कुल बारिश के आंकड़ों पर भी पड़ा है। प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिले सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं कर सके हैं। भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य बारिश हुई है।
आलीराजपुर में आधे से भी कम बारिशप्रदेश में बारिश का वितरण इस बार काफी असमान रहा। आलीराजपुर में सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी दर्ज नहीं हुई। वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150 प्रतिशत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। मानसून की औपचारिक विदाई तक कुछ स्थानों पर नमी के कारण हल्की बारिश या बूंदाबांदी जारी रह सकती है। इसे मौसम विभाग मानसून की कुल बारिश में शामिल नहीं करेगा।
इन जिलों में आज बूंदाबांदी के आसारगुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक के आसार हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और जबलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने का अनुमान है।
प्रदेश में सामान्य से करीब 1.5 इंच कम बारिशमौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश का 95.9 प्रतिशत है। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह प्रदेश में करीब 1.5 इंच बारिश कम हुई है और कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत नीचे है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का वितरण अलग रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई, वहीं पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
पूर्वी हिस्से में भी कई जिले सामान्य से पीछेजबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों को मिलाकर पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। फिर भी बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अधिकपश्चिमी क्षेत्र के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।














