भोपाल, 05 अक्टूबर।
मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। रात के तापमान में बीते तीन दिनों में करीब चार डिग्री तक कमी आने से ठंडक बढ़ी है, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस बनी हुई है। अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री और इंदौर में 18 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी रातें ठंडी हुई हैं। पांच और छह अक्टूबर को प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं और मौसम मुख्यतः साफ रहेगा, जिससे दिन का तापमान बढ़ सकता है। इसके बाद सात और आठ अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम बदलने की संभावना है। छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट है। पिछले एक दशक के अक्टूबर के रुझान को देखते हुए इस महीने गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिल सकता है।
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में करीब 100 दिन सक्रिय रहा और 24 जून को प्रवेश के बाद 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हुआ। पूरे सीजन में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम और औसतन चार प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई। पूर्वी क्षेत्र में आने वाले जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों का औसत सामान्य से चार प्रतिशत अधिक रहा, हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 5 से 21 प्रतिशत तक कमी रही। पश्चिमी क्षेत्र के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ, जबकि 30 जिले सामान्य से कम बारिश वाले रहे।














