भोपाल, 06 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश से भले ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, किंतु राज्य के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले प्रभाव से कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है, जिसके चलते जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के कई जिलों में अगले चार दिनों तक हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और शहडोल में गरज-चमक के साथ बारिश का यह दौर आगामी 7 और 8 अक्टूबर को भी जारी रह सकता है, जबकि दूसरी ओर भोपाल और इंदौर समेत अधिकांश हिस्सों में दिन के वक्त चटक धूप खिलने से अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। हालांकि, रात्रिकालीन पारे में गिरावट का क्रम लगातार बना हुआ है, जिसके तहत बीती रात इंदौर में प्रदेश का न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, और बैतूल, छिंदवाड़ा, पचमढ़ी व अमरकंटक में भी मौसम में अच्छी-खासी ठंडक महसूस की जा रही है।
इस पूरे मानसूनी सीजन के दौरान मध्य प्रदेश में 24 जून से शुरू होकर 3 अक्टूबर तक लगभग 100 दिनों की सक्रियता के बीच कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) औसत बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य मानक 949.5 मिमी के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत कम रही है। क्षेत्रीय आंकड़ों पर गौर करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग) में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक पानी बरसा, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जिससे प्रदेश के कुल 25 जिलों में मानसूनी कोटा पूरी तरह भर गया और शेष 30 जिलों में सामान्य से कम वर्षा आंकी गई। पिछले एक दशक के मौसम के ट्रेंड के अनुसार अक्टूबर के महीने में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का अनूठा असर देखने को मिलता है, और इस वर्ष भी दिन के समय तेज धूप तथा रात के वक्त गुलाबी ठंड का यही दौर लोगों को अनुभव हो रहा है।














