पश्चिमी प्रशांत महासागर, 7 अक्टूबर।
पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस समय तीन उष्णकटिबंधीय तूफान एक साथ सक्रिय हैं। टाइफून चोई-वान और नोलो ताकतवर हो चुके हैं, वहीं कोगुमा लगातार मजबूत हो रहा है। अक्टूबर में ऐसा संयोग करीब पांच साल बाद बना है। इसके चलते जापान के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में ऊंची लहरों और समुद्र में बढ़ी हलचल का खतरा है।
तीनों तूफान एक-दूसरे से काफी दूरी पर हैं और उनकी दिशा व ताकत अलग-अलग है। चोई-वान जापान के ओगासावारा द्वीपों से दूर उत्तर की ओर बढ़ रहा है। नोलो पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। कोगुमा फिलहाल कमजोर है और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। जापान के मुख्य द्वीपों पर फिलहाल बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।
चोई-वान मंगलवार को करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से आगे बढ़ रहा था। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इसके केंद्र में वायुदाब 960 हेक्टोपास्कल था। इसकी लगातार हवा की गति 144 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की रफ्तार 198 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
अनुमान है कि बुधवार तक चोई-वान तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। इसके बाद इसकी प्रकृति में बदलाव आ सकता है। हालांकि, समुद्र में पैदा हुई ऊंची लहरों का असर कुछ समय तक बना रह सकता है। ओगासावारा और इजू द्वीपों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है।
नोलो भी मंगलवार दोपहर तक शक्तिशाली टाइफून बना हुआ था। यह वेक आइलैंड्स के पास करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। इसके केंद्र में वायुदाब 965 हेक्टोपास्कल था। लगातार हवा की रफ्तार 162 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की गति 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक थी।
नोलो की खासियत यह है कि इसका निर्माण अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा के पूर्व में हुआ था। बाद में यह तिथि रेखा पार कर पश्चिमी प्रशांत महासागर में पहुंचा और जापान के मौसम विभाग की निगरानी वाले क्षेत्र में आया। ऐसे तूफान को सीमापार टाइफून कहा जाता है। इससे पहले ऐसी स्थिति अगस्त 2023 में देखी गई थी।
कोगुमा तीनों में सबसे नया तूफान है। यह सोमवार को मार्शल आइलैंड्स के पास बना था। मंगलवार को यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। उस समय इसकी लगातार हवा की रफ्तार करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इसके केंद्र का वायुदाब 1000 हेक्टोपास्कल था।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, कोगुमा आने वाले दिनों में तेजी से ताकत हासिल कर सकता है। सप्ताह के अंत तक इसके टाइफून बनने की संभावना है। शनिवार तक इसके केंद्र का वायुदाब करीब 950 हेक्टोपास्कल और हवा की अधिकतम रफ्तार 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। तेज झोंकों की गति 216 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।
पश्चिमी प्रशांत महासागर में अक्टूबर के दौरान एक साथ तीन उष्णकटिबंधीय प्रणालियों का सक्रिय होना सामान्य घटना नहीं है। जापान वेदर एसोसिएशन के अनुसार, इससे पहले करीब पांच साल पहले अक्टूबर में ऐसा संयोग बना था। इस बार तीनों तूफान अलग-अलग क्षेत्रों में हैं और अलग दिशाओं में आगे बढ़ रहे हैं।
इस साल पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में टाइफून की संख्या भी सामान्य से अधिक रही है। 6 अक्टूबर तक 2026 में 29 टाइफून दर्ज किए जा चुके थे। लंबे समय के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में आमतौर पर यह संख्या करीब 20 रहती है। फिलहाल जापान के मुख्य द्वीपों पर बड़े नुकसान की आशंका नहीं है।
ओगासावारा और इजू द्वीपों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। होंशू के प्रशांत तट पर भी समुद्री लहरों की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग तीनों तूफानों की दिशा और ताकत पर नजर बनाए हुए है। कोगुमा पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इसकी ताकत बढ़ सकती है।














