सागर, 30 सितंबर।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर रोक और मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग को लेकर बुधवार को सागर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। ग्रामीण जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा और शहर जिलाध्यक्ष महेश जाटव के नेतृत्व में जिलेभर से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने के प्रयास के दौरान पुलिस ने पानी की बौछार कर उन्हें रोकने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कई पात्र नागरिकों के नाम हटा दिए गए हैं। पार्टी ने ऐसे मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी उठाई।
कांग्रेस का जुलूस कलेक्ट्रेट की ओर पहुंचा तो पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड के जरिए रास्ता रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बाद भी कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ देर तक सड़क पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए नाम वापस जोड़े जाने और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही तय होने तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा। शहर अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक और पात्र मतदाताओं के हटाए गए नाम दोबारा जोड़ने को अपनी प्रमुख मांग बताया।














