इंदौर, 30 सितंबर।
मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कार्यकर्ता हरसिद्धि चौराहे पर जुटे और वहां से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग की गई।
चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने, मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों की जानकारी सार्वजनिक करने और जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें इसकी सूचना देने के साथ अपील का अवसर देने की मांग की। पार्टी ने 29 सितंबर को भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण को स्थगित करने की मांग उठाई थी।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल
चौकसे ने निर्वाचन आयोग में निर्णय लेने की प्रक्रिया के केंद्रीकरण का भी आरोप लगाया। उन्होंने उन रिपोर्टों का हवाला दिया, जिनमें निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कुछ निर्णयों को लेकर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने पिछले महीनों में विभिन्न मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों पर कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण समेत आयोग के फैसले पूर्ण आयोग की सहमति से लिए गए हैं और आंतरिक स्तर पर सामने आने वाले सुझाव या आपत्तियां अंतिम निर्णय से अलग हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी।














