नई दिल्ली, 30 सितंबर।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली दंगों की साजिश के आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय के आदेश से बंधा है और न्यायिक अनुशासन का पालन करना आवश्यक है।
इससे पहले 4 जुलाई को कड़कड़डूमा अदालत ने भी दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने कहा था कि अदालत उच्चतम न्यायालय के 5 जनवरी के आदेश का पालन करने के लिए बाध्य है। कड़कड़डूमा अदालत ने यह भी कहा था कि दोनों की जमानत याचिकाएं निचली अदालत में सुनवाई योग्य नहीं हैं।
सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से पेश वकील त्रिदिप पेस ने दलील दी थी कि उच्चतम न्यायालय ने अंद्राबी मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज किए जाने पर सवाल उठाया था। उनका कहना था कि उच्चतम न्यायालय का वह निर्देश अब लागू नहीं होता, जिसमें गवाहों के बयान दर्ज नहीं होने की स्थिति में एक वर्ष बाद जमानत याचिका दाखिल करने की बात कही गई थी।
5 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज की थीं। इसी दिन पांच आरोपितों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दी गई थी।
इसके बाद 22 मई को खालिद सैफी और तसलीम अहमद को छह महीने की अंतरिम जमानत मिली थी। मामले में चार आरोपितों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इनमें सफूरा जरगर, आसिफ इकबाल तान्हा, देवांगन कलीता और नताशा नरवाल शामिल हैं।
इस मामले में 18 आरोपितों के खिलाफ यूएपीए के तहत दर्ज प्रकरण में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। आरोपितों में सफूरा जरगर, ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा, शफा उर रहमान, आसिफ इकबाल तान्हा, शादाब अहमद, तसलीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अतहर खान, शरजील इमाम, फैजान खान, नताशा नरवाल और देवांगन कलीता शामिल हैं।














