नवादा, 30 सितंबर।
नवादा के परनाडाबर थाना क्षेत्र के महुगाय गांव स्थित एक बगीचे से 28 सितंबर को मिले युवक के जले शव के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। विशेष जांच दल ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर हत्याकांड में शामिल एक मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया है, वहीं एक विधि-विरुद्ध किशोर को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमन के नेतृत्व और रजौली के एसडीपीओ के मार्गदर्शन में विशेष जांच दल का गठन किया गया था। घटना के बाद एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। परिजनों के आवेदन पर परनाडाबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
महुगाय के बगीचे में सोमवार को अज्ञात व्यक्ति का जला हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव की पहचान करीब 21 वर्षीय सोफी कुमार, पिता महेंद्र चौहान, निवासी चंद्रबारा, थाना मेसकौर के रूप में की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए नवादा एसपी ने मौके का निरीक्षण किया और एसडीपीओ रजौली के नेतृत्व में विशेष जांच दल बनाया। दल ने तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना के आधार पर परनाडाबर थाना क्षेत्र के भोला कुरहा गांव से दो संदिग्धों को पकड़ा और थाने लाकर पूछताछ की।
पुलिस पूछताछ और आरोपितों के स्वीकारोक्ति बयान में हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन का विवाद सामने आया। मृतक और आरोपितों के बीच पहले से ही आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, मृतक ने पहले आरोपितों को कुछ सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे। इनके बदले मिलने वाली राशि के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों में अनबन थी।
घटना से एक दिन पहले रविवार को मृतक ने आरोपितों से अपने नाम पर नए सिम कार्ड निकलवाने को कहा था। उसने प्रत्येक सिम के बदले 500 रुपये देने की बात कही थी। इसी दौरान पुराने सिम के बकाया भुगतान और नए लेन-देन को लेकर विवाद फिर बढ़ गया। पुलिस के अनुसार यही विवाद युवक की मौत का कारण बना।














