अनूपपुर, 30 सितंबर।
जिले में यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ रही है। शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम, बेतरतीब खड़े ऑटो और हाथठेले तथा यातायात पुलिस की कथित कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सामतपुर तिराहा, बस स्टैंड, स्टेशन तिराहा, इंदिरा तिराहा और अमरकंटक तिराहा जैसे व्यस्त स्थानों पर नियमित यातायात व्यवस्था संभालने के लिए जवानों की मौजूदगी को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर स्थित फुनगा यातायात हाईवे चौकी सड़क दुर्घटनाओं में तत्काल सहायता और यातायात व्यवस्था के उद्देश्य से संचालित की गई थी। 17 अगस्त को पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद चौकी में तैनात बल को यातायात थाने से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद चौकी बिना कर्मचारियों के रह गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी के संचालन के दौरान दुर्घटनाओं में पुलिस की त्वरित सहायता मिलती थी। अब बल हटने से हाईवे पर दुर्घटना की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया को लेकर चिंता बढ़ी है।
यातायात थाने में बल बढ़ाए जाने के बावजूद शहर की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। भारी वाहनों के लिए सुबह 8 से रात 10 बजे तक लागू नो-एंट्री के प्रभावी पालन को लेकर भी शिकायतें हैं। आरोप है कि कुछ भारी वाहनों को कथित रूप से नियमों में छूट देकर शहर में प्रवेश कराया जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि यातायात पुलिस के कुछ जवान शहर की व्यवस्था के बजाय सरई रोड, पेंड्रा रोड, शहडोल-मनेन्द्रगढ़ और जैतहरी-वेंकटनगर मार्ग पर लंबे समय तक वाहनों की जांच में तैनात रहते हैं। इसके अलावा भारी एवं मध्यम मालवाहक वाहनों, यात्री बसों, स्कूल बसों और ऑटो से कथित मासिक वसूली तथा टोकन व्यवस्था के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कानून-व्यवस्था के नाम पर निजी वाहनों के अधिग्रहण और उनके उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूछा है कि ऐसे वाहनों के अधिग्रहण के लिए किस आदेश और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। शहर में जाम और नो-एंट्री उल्लंघन से जुड़े वीडियो के प्रसारित होने के बावजूद कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि यातायात विभाग में वर्तमान में 19 कर्मचारी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सीमित बल के बावजूद नई व्यवस्थाओं के माध्यम से यातायात व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। अमरकंटक में पांच यातायात पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती की गई है, जबकि फुनगा हाईवे यातायात चौकी के कर्मचारियों को जिला यातायात थाने से संबद्ध किया गया है।














