झांसी, 30 सितंबर।
झांसी में कोतवाली पुलिस और स्वाट-सर्विलांस टीम ने ई-रिक्शा चालक से हुई लूट का खुलासा करते हुए मुठभेड़ के बाद चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपित के पैर में गोली लगी, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपितों के पास से लूटा गया मोबाइल फोन, 1320 रुपये नकद और दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अलावा एक तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई दो बाइक भी मिली हैं।
सीओ सिटी प्रिया सिंह के अनुसार, 28 सितंबर को सिद्धेश्वर नगर निवासी नरेंद्र ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि वह सुबह-सुबह ई-रिक्शा लेकर जा रहा था, तभी धोबीघाट चौकी क्षेत्र में बड़ागांव गेट के पास अज्ञात बदमाशों ने उसे रोककर दो हजार रुपये और मोबाइल फोन छीन लिया।

मामले में धारा 309(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक माध्यमों से उनकी गतिविधियों का पता लगाया गया।
बुधवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नगरिया पुल के पास कोतवाली पुलिस और स्वाट-सर्विलांस टीम जांच कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में ऋषभ वाल्मीकि के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
पुलिस के मुताबिक फायरिंग के दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली और स्वाट प्रभारी बाल-बाल बच गए। एक गोली उपनिरीक्षक अमित तोमर की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ऋषभ वाल्मीकि, मोंटी आर्या, विकास श्रीवास्तव और राज अहिरवार के रूप में हुई है। हिमांशू उर्फ होती मौके से भाग निकला, जिसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।
पुलिस के अनुसार दोनों बाइक बिना नंबर प्लेट की थीं। मुठभेड़ और बरामदगी के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।















