नई दिल्ली, 01 अक्टूबर।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले प्रस्तावित राजनीतिक दल ‘वारिस पंजाब दे’ के पंजीकरण से जुड़ी याचिका पर निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने आयोग को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।
सुनवाई के दौरान ‘वारिस पंजाब दे’ की ओर से वरिष्ठ वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव मार्च 2027 में प्रस्तावित हैं और निर्वाचन आयोग जनवरी 2026 से चुनावी प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उन्होंने आयोग से नवंबर के अंत तक संगठन की पंजीकरण अर्जी पर निर्णय लेने का अनुरोध किया।
निर्वाचन आयोग की ओर से वकील संजय वशिष्ठ ने कहा कि ‘वारिस पंजाब दे’ से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा संबंधित है। इस पर न्यायालय ने आयोग से कहा कि अर्जी पर निर्णय लेते समय इसे लंबित नहीं रखा जाना चाहिए और इसके लिए समयसीमा तय करनी होगी। आयोग ने मामले में अपना जवाब दाखिल करने की इच्छा जताई, जिसके बाद अदालत ने चार सप्ताह का समय दिया।
अमृतपाल सिंह ‘वारिस पंजाब दे’ का नेतृत्व कर रहे हैं। संगठन ने जनवरी 2025 में निर्वाचन आयोग के समक्ष गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के तौर पर पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
संगठन की ओर से कहा गया है कि पंजीकरण होने पर वह दिसंबर 2026 तक चुनाव चिह्न हासिल करना चाहता है। खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए अमृतपाल सिंह फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।














